भोजपुरी भाषा को मान्यता दिलाने का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है. देश के करीब बीस महत्वपूर्ण भोजपुरी संगठनों ने मिलकर इस आंदोलन को विश्व भर में फैलाने का आह्वान किया और इसके लिए जल्दी ही बाकायदा एक एक्शन प्लान सामने लाने की घोषणा की. यह घोषणा दिल्ली में हुए एक विशेष भोजपुरी सम्मेलन में की गयी. यह कोई आम सम्मेलन या कार्यक्रम नहीं वरन एक ऐसा अनूठा प्रयोग था, जिसमें भोजपुरिया लोगों के प्रति लोगों की धारणा ही बदल देने का माद्दा था. राजधानी दिल्ली में हुए पहले राष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन में आये लोगों में ज्यादातर बुद्धिजीवी, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार और अन्य पेशों से जुड़े लोग मौजूद थे. भोजपुरी एसोसियेशन ऑफ इंडिया ने इस सम्मेलन का आयोजन भोजपुरी में दुनिया की एकमात्र नियमित समाचार पत्रिका द संडे इंडियन के साथ मिल कर किया था.
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सात राज्यों में राज्यपाल रह कर इतिहास बनाने वाले श्री भीष्म नारायण सिंह ने कहा कि भोजपुरी की माटी में विद्वता है, शक्ति है, प्रेरणा है, जो हमें हमेशा एक-दूसरे से न केवल जोड़े रखती है बल्कि भाईचारे का संदेश भी देती है. यहां तक कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी भोजपुरी भाषा को चुना था. श्री सिंह भोजपुरी एसोसिएशन आफ इंडिया और समाचार पत्रिका द संडे इंडियन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. रविवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 108वीं जयंती पर राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन समिति के सत्याग्रह मंडप में भोजपुरी भाषियों के इस सम्मेलन में कई प्रस्ताव पारित किये गये तथा इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए विश्वव्यापी आंदोलन छेड़ने की प्रतिज्ञा की गयी. समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने मॉरीशस का उदाहरण देते हुए कहा कि दुख की बात यह है कि दूसरे देश में भोजपुरी को आधिकारिक भाषा की मान्यता मिल चुकी है, लेकिन अपने देश में ही यह भाषा आज भी अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रही है.
सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य में विकास की नयी गंगा बहाने तथा बिहार को जंगल राज की बदनाम छवि से उबारने के लिए लोकनायक स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया. साथ ही पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भीष्म नारायण सिंह को डा. राजेन्द्र प्रसाद स्मृति सम्मान वयोवृद्ध भोजपुरी साहित्यकार तथा दैनिक आज के संपादक रहे गिरिजा शंकर राय गिरिजेश ने प्रदान किया. इस मौके पर सहारा इंडिया परिवार के चेयरमैन ‘सहाराश्री’ श्री सुब्रत राय ‘सहारा’ को उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी इलाकों के लोगों को सहारा परिवार में सर्वाधिक रोजगार देने हेतु ‘महात्मा गांधी स्मृति’ सम्मान दिया गया तो भोजपुरी में दुनिया की पहली नियमित समाचार पत्रिका का प्रकाशन कर इतिहास रच देने वाले प्लानमैन मीडिया समूह के मुख्य संपादक प्रो. अरिन्दम चौधरी को संत कबीर स्मृति सम्मान से नवाजा गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से यह सम्मान दिल्ली में डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर कारूराम ने तथा सहाराश्री की अनुपस्थिति में यह सम्मान ‘सहारा टाइम’ के संपादक उदय सिन्हा ने ग्रहण किया. सम्मेलन में उदय सिन्हा ने सहाराश्री के संदेश को पढ़कर सुनाया. अपने संदेश में सहाराश्री ने कहा कि आधुनिक हिन्दी के उत्थान में अन्य भाषा एवं बोलियों के साथ-साथ मैथिली, मगही, अवधी और ब्रजभाषा का ही नहीं बल्कि भोजपुरी का भी महती योगदान है. विस्तार और व्यापकता की दृष्टि से भोजपुरी अग्रगण्य और सबसे अधिक उदार भाषा है. इसके उच्चारण में जो मिठास और माधुर्य है, वह हिन्दी की अन्य किसी भी भाषा-बोली में नहीं है. यही कारण है कि सिनेमा से लेकर साहित्य तक जहां कहीं भी हिन्दी का प्रयोग होता है वहां यह सहज ही स्वीकार्य है.
पद्मश्री शारदा सिन्हा ने कुवंर सिंह स्मृति सम्मान से वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र को भी सम्मानित किया. इस मौके पर जानीमानी गायिका पद्मश्री शारदा सिन्हा, गायिका मालिनी अवस्थी, फिल्मकार व संगीतकार दुर्गा दास आदि को भोजपुरी भूषण सम्मान से नवाजा गया. यह सम्मान द संडे इडियन के प्रधान संपादक और प्लानमैन मीडिया के अध्यक्ष प्रो. अरिन्दम चौधरी, शारदा सिन्हा, मालिनी अवस्थी, विजया भारती, अभिनेत्री रानी चटर्जी आदि ने प्रदान किए. कार्यक्रम में अमेरिका के डलास स्थित भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश मिश्रा समेत कई गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद थे. भोजपुरी एसोसिएशन आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक (एशिया) व द संडे इंडियन के कार्यकारी संपादक (हिंदी व भोजपुरी) ओंकारेश्वर पांडेय ने कहा कि इस सम्मेलन में जुटी भीड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि भोजपुरी की अब उपेक्षा नहीं की जा सकती. इनके अलावा कलराज मिश्र सहित अन्य कई लोगों को भी सम्मानित किया गया.
सम्मेलन के पहले सत्र में भोजपुरी- राष्ट्रीयता का सवाल विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था. संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए एसोसियेशन के अंतर्राष्टऱीय अध्यक्ष शैलेष मिश्र ने देश और दुनिया में भोजपुरी की दशा - दिशा पर प्रकाश डालते हुए इसकी स्थिति में सुधार के लिए व्यापक आंदेलन छेड़ने पर बल दिया. मुख्य वक्ता डॉ रमाशंकर श्रीवास्तव तथा अन्य वक्ताओं ने भोजपुरी को अब तक मान्यता नहीं मिलने पर क्षोभ व्यक्त किया और इसके लिए भोजपुरी क्षेत्रों से आने वाल स्कृतिक व राजनीतिक स्तर पर हम सभी पंद्रह करोड़ भोजपुरी बोलने वाले इससे जुड़ें रहें और भोजपूरी को उसका हक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करते रहें. इस मौके पर अजीत दूबे ने कहा कि चाहे प्रदेश स्तर की बात हो या फिर राष्ट्रीय स्तर पर, भोजपुरी भाषा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं. आज भोजपुरी फिल्में जिस तेजी से व्यवसायिक रूप में उभरी हैं, वह अपने आप में शुभ संकेत है. इस मौके पर पद्मश्री शारदा सिन्हा ने भोजपुरी भाषा को अपनी कर्म भाषा करार देते हुए अपनी गायिकी से उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया. शारदा सिन्हा ने श्रोताओं को अपने मधुर गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया. लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने सुर छेड़ा तो दर्शक भाव विभोर हो उठे, मगर प्यासे रह गये, उन्हें जल्दी जाना था.
कार्यक्रम में 18 भाषाओं में गाने वाली देश की जानी मानी लोकगायिका और महुआ टीवी पर चल रहे सुपरहिट मॉर्निंग शो बेहद बिहाने बिहाने की भौजी विजया भारती ने धमाकेदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया. बोलो जय जय बिहारी से लेकर जइसन तोहरो टोपी हो दारोगा जी जैसे उनके कई गीतों पर दर्शक झूमते रहे. कार्यक्रम में भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेष मिश्रा, बीएचयू वाराणसी के प्रो. सदानंद साही वीर कुंअर सिंह विश्वविद्य़ालय के प्रो. रणविजय कुमार समेत कई अन्य जगहों से आये भोजपुरी लेखक और साहित्यकार मौजूद थे. जी टीवी उत्तर प्रदेश तथा हमार टीवी इसके टीवी पार्टनर तथा हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा प्रिंट पार्टनर था.
इस मौके पर प्रो. शत्रुघ्न प्रसाद को इग्नू में भोजपुरी पाठ्यक्रम को शुरु करने हेतु सम्मानित किया गया. भोजपुरी के प्रचार-प्रसार व विकास के लिए काम करने वाले कई अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया.पहली बार राजधानी में आयोजित भोजपुरी सम्मेलन में इस भाषा की दशा-दिशा पर गहन चर्चा हुई.
भोजपुरी का विकास व इसके प्रचार-प्रसार के लिए बाबू जगजीवन राम स्मृति सम्मान से भारत में मारीशस सरकार के उच्चायुक्त मुखेश्वर चून्नी को, पुरबिया टीवी चैनल हमार समेत 5 अन्य टीवी चैनल समूह के चेयरमैन व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री मतंग सिंह को वीर कुअंर सिंह सम्मान, भोजपुरी टीवी चैनल महुआ के चेयरमैन श्री पी.के. तिवारी को भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान, आजाद टीवी चैनल के हेड श्री अंबिका नंद सहाय तथा पाती भोजपुरी पत्रिका के संपादक श्री अशोक द्विवेदी को भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान प्रदान किया गया. भोजपुरी भूषण सम्मान से पद्मश्री शारदा सिन्हा व भोजपुरी फिल्मों के सुपरिचित अभिनेता श्री कुणाल सिंह व लोकगायिका श्रीमती मालिनी अवस्थी को जबकि भोजपुरीश्री सम्मान से सुश्री अनामिका सिंह, श्री नंदन–चंदन, और महुआ टीवी के प्रसिद्ध नवोदित एंकर श्री प्रियेश कुमार को सम्मनित किया गया. इंडिया बुल्स के संस्थापक सदस्य रहे और भोजपुरी में बेहद उम्दा फिल्म बनाने वाले श्री कवि कुमार को भोजपुरी भूषण सम्मान दिया गया तो उन्होंने वादा किया कि भोजपुरी फिल्मों पर लगे अश्लीलता के आरोपों को धोने के लिए वे आगे भी प्रयास करते रहेंगे.
भोजपुरी की एकमात्र ट्रेड मैगजीन भोजपुरी सिटी के मुख्य संरक्षक तथा फिल्म निर्माता श्री किशन खदरिया, पखावज वादक श्री दुर्गा प्रसाद व युवा वैज्ञानिक डॉ. अनिल सिंह को भोजपुरी भूषण सम्मान दिया गया., भोजपुरी भोजपुरी सिने अभिनेत्री सुश्री रानी चटर्जी और भोजपुरी में सीरियल बनाने वाले श्री अमित कुमार को भोजपुरीश्री सम्मान, दिल्ली में भोजपुरी संस्कृति को बढ़ावा देने वाले श्री कुलजीत सिंह चहल को भोजपुरी मित्र सम्मान दिया गया तो भोजपुरी कीर्ति सम्मान से श्री अजीत दूबे, श्री अशोक श्रीवास्तव, श्री श्रीकांत सिंह यादव, श्री शिवाजी सिंह, श्री निर्मल पाठक, श्री अश्वनी कुमार सिंह (बिहारी खबर के प्रकाशक), श्री संतोष पटेल, श्री निर्मल सिंह को दिल्ली में भोजपुरी को बढ़ावा देने के लिए नवाजा गया.
यह शायद पहला मौका था जब किसी भोजपुरी मंच पर एक साथ देश और दुनिया में भोजपुरी भाषा और संगीत को बढ़ाने में खास भूमिका निभाने वाली सामाजिक संस्थाओं के अलावा सरकारी संस्थाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के महानिदेशक श्री वीरेन्द्र गुप्ता, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. डॉ. रामपाल सिंह, मोथिली-भोजपुरी एकेडमी के सचिव रवीन्द्र नाथ श्रीवास्तव परिचय दास, वीर कुअंर सिंह विवि आरा के प्रो. डॉ. डीपी सिंह, उत्तर मध्य क्षेत्र सास्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के निदेशक श्री आनंद वर्धन शुक्ला को भोजपुरी कीर्ति सम्मान प्रदान किया गया तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा.
श्री दिव्य ज्योति जागृति संस्थान दिल्ली के स्वामी विशालानंद को भोजपुरी मित्र सम्मान और गोरखपुर से आये दैनिक आज के वयोवृद्ध पूर्व संपादक गिरिजा शंकर राय गिरिजेश एवं रवीन्द्र श्रीवास्तव जुगानी भाई समेत अरविन्द विद्रोही (जमशेदपुर), डॉ. आर के दूबे (बक्सर), विश्वनाथ शर्मा (छपरा), बृज मोहन प्रसाद अनाड़ी (बलिया), डॉ. जनार्दन सिंह (बलिया), श्री विशुद्धानंद (पटना), डॉ. भगवती प्रसाद द्विवेदी(पटना), श्री सतीश कुमार सिन्हा (पटना), को भोजपुरी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के अंतिम सत्र में भोजपुरी की लोकगायिका पद्मश्री शारदा सिन्हा, विजया भारती, मालिनी अवस्थी, अनामिका व टीवी कलाकार नंदन चंदन के साथ एंकर प्रियेश सिन्हा ने शानदार कार्यक्रम पेश किये. भोजपुरी फिल्मों की जानी मानी अभिनेत्री रानी चटर्जी ने अपनी अदाकारी से मन मोह लिया. कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में आये भोजपुरिया लोग शामिल हुए. राजधानी में आयोजित भोजपुरी का यह अपने तरह का पहला अनूठा कार्यक्रम था, जिसमें सब कुछ बेहद कल्पनाशील, शालीन और उच्च स्तरीय था. सम्मेलन में आये लोग भोजपुरी के इतिहास से वर्तमान तक की झलक दिखाती शानदार प्रदर्शनी देखकर दंग रह गये. प्रदर्शनी का उद्घघाटन प्लानमैन मीडिया समूह के मुख्य संपादक तथा चेयरमैन प्रो. अरिंदम चौधरी ने किया. भोजपुरिया लोगों को अपनी माटी के स्वाद वाला लिट्टी-चोखा भी खूब भाया, जिसे सबने छककर खाया.
सम्मेलन में भोजपुरी भोजपुरी एसोसियेशन ऑफ इंडिया को देश-दुनिया के भोजपुरी संगठनों का प्रनिधि संगठन बनाने पर सहमति हुई और भोजपुरी भाषा को मान्यता दिलाने से लेकर भोजपुरी संस्कृति को बढ़ावा देने, भोजपुरी को रोजगार की भाषा बनाने तथा भोजपुरी भाषी इलाकों में आर्थिक पिछड़ापन दूर करने हेतु महात्मा गांधी की तर्ज पर अहिंसक सत्याग्रह तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति की तर्ज पर व्यापक आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया गया.

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